Friday, 2 July, 2010

2 comments:

shelley said...

aapki baat shi hai lekin patrakarita ko kisi ko mauka hi nahi dena chahiye ki patrkar k upar blam kiya ja sake.

जितेन्द्र ‘जौहर’ Jitendra Jauhar said...

संतोष जी,
मुझे संतोष हुआ, यह जानकर कि आप जैसे बिंदास लिखने वाले भी हैं।

और हाँ...एक शिकायत कि आपका ब्लॉग बहुत समय लेता है खुलने में। इसलिए तो नहीं कि... शायद हर अच्छी चीज़ खुलने में थोड़ा समय तो लेती ही है!